क्या वाक़ई सरकार के पिंजरे में कई 'तोते' कै़द हैं?
सीबीआई को लेकर ये राय मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जून 2013 को जाहिर की थी. उन्होंने अपनी बात रखने के लिए ट्विटर का इस्तेमाल किया. मोदी उस वक़्त गुजरात के मुख्यमंत्री थे. ठीक पांच साल, चार महीने और एक दिन बाद यानी 25 अक्टूबर 2018 को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर ही सीबीआई की बात की. राहुल गांधी ने लिखा, "रफ़ाल घोटाले की जाँच न हो पाए इसलिए प्रधानमंत्री ने सीबीआई प्रमुख को असंवैधानिक तरीक़े से हटा दिया. सीबीआई को पूरी तरह नष्ट किया जा रहा है." उस दौर में सीबीआई को लेकर मोदी और भारतीय जनता पार्टी के कई हमले झेलने वाले डॉक्टर सिंह भी बीते हफ़्ते पलटवार की मुद्रा में दिखे. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, "जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, सीबीआई जैसे संस्थानों की साख बेहद गिरी है." सीबीआई की साख पर सवालों का ताज़ा दौर एजेंसी के दो आला अधिकारियों के बीच शुरू हुई तकरार और उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने के फ़ैसले के बाद शुरू हुआ है. इस दौर में सवाल सिर्फ़ सीबीआई की साख़ और उसके कामकाज़ में सरकार के दख़ल पर नहीं उठ रहे, बल्कि ऐसे तमाम संस्...