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2.0 से क्लैश पड़ेगा केदारनाथ को भारी? फर्स्ट डे कमाएगी इतने करोड़

सारा अली खान और सुशांत सिंह राजपूत की अदाकारी से सजी फिल्म केदारनाथ 7 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. मूवी का निर्देशन अभिषेक कपूर ने किया है. ये सारा की डेब्यू फिल्म है. केदारनाथ का फ्रेश कंटेंट और जोड़ी दर्शकों को इंप्रेस कर रही है. रोमांटिक ड्रामा बेस्ड मूवी पहले दिन कितनी कमाई कर सकती है , चलिए जानते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केदारनाथ का फर्स्ट डे कलेक्शन करीब 5-6 करोड़ रुपये हो सकता है. हालांकि ये नंबर बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन इसे अच्छा स्टार्ट कहा जा सकता है. पॉजिटिव रिव्यू और अच्छे वर्ड ऑफ माउथ से मूवी के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को रफ्तार मिल सकती है. मूवी का बजट 35 करोड़ के आसपास बताया जा रहा है. केदारनाथ की होगी 2.0 से टक्कर फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर रजनीकांत की फिल्म 2.0 राज कर रही है. दोनों फिल्मों का आपस में क्लैश होगा. साइंस बेस्ड एक्शन फिल्म को दर्शकों ने हाथोंहाथ लिया. ऐसे में एक्शन फिल्मों के शौकीन दर्शकों से केदारनाथ को नुकसान पहुंच सकता है. वहीं सारा की डेब्यू फिल्म का हॉलीवुड रिलीज मोर्टल इंजिन्स (Mortal Engines) संग क्लैश भी मूवी के बिजनेस पर असर डाल सकत...

यूक्रेन-रूस विवाद: व्लादिमीर पुतिन ने निकाला चुनावी कनेक्शन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको आ गामी चुनावों के चलते रूस के साथ टकराव बढ़ा रहे हैं. पुतिन ने कहा कि पेट्रो पोरोशेंको अज़ोव सागर विवाद के ज़रिए 2019 के चुनावों में अपनी रेटिंग बढ़ाना चाहते हैं. उन्होंने बुधवार को एक इन्वेस्टमेंट फोरम में ये बातें कहीं. वहीं अज़ोव सागर में यूक्रेन के तीन सैन्य जहाजों पर रूस के क़ब्ज़े के बाद यूक्रेन में 30 दिनों के लिए मार्शल लॉ लगा दिया गया है. पेट्रो पोरोशेंको ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा, '' रूस से युद्ध की आशंका को लेकर देश ख़तरे में, इसे कोई मज़ाक न समझे.'' कैसे शुरू हुआ टकराव? यूक्रेन की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि रूस के विशेष बलों ने बंदूक़ों से लैस दो नावों और नौकाओं को खींचने वाले एक जहाज़ का पीछा किया और फिर उन्हें अपने क़ब्ज़े में ले लिया. इस घटना में क्रू के छह सदस्य ज़ख्मी हुए थे. रूस और यूक्रेन के बीच क्रीमिया को लेकर तनाव सालों पुराना है. 2003 की संधि के मुताबिक़, रूस और यूक्रेन के बीच कर्च स्ट्रेट जलमार्ग और अज़ोव सागर के बीच जल सीमाएं...

क्या वाक़ई सरकार के पिंजरे में कई 'तोते' कै़द हैं?

सीबीआई को लेकर ये राय मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जून 2013 को जाहिर की थी. उन्होंने अपनी बात रखने के लिए ट्विटर का इस्तेमाल किया. मोदी उस वक़्त गुजरात के मुख्यमंत्री थे. ठीक पांच साल, चार महीने और एक दिन बाद यानी 25 अक्टूबर 2018 को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्विटर पर ही सीबीआई की बात की. राहुल गांधी ने लिखा, "रफ़ाल घोटाले की जाँच न हो पाए इसलिए प्रधानमंत्री ने सीबीआई प्रमुख को असंवैधानिक तरीक़े से हटा दिया. सीबीआई को पूरी तरह नष्ट किया जा रहा है." उस दौर में सीबीआई को लेकर मोदी और भारतीय जनता पार्टी के कई हमले झेलने वाले डॉक्टर सिंह भी बीते हफ़्ते पलटवार की मुद्रा में दिखे. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, "जब से मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, सीबीआई जैसे संस्थानों की साख बेहद गिरी है." सीबीआई की साख पर सवालों का ताज़ा दौर एजेंसी के दो आला अधिकारियों के बीच शुरू हुई तकरार और उन्हें छुट्टी पर भेजे जाने के फ़ैसले के बाद शुरू हुआ है. इस दौर में सवाल सिर्फ़ सीबीआई की साख़ और उसके कामकाज़ में सरकार के दख़ल पर नहीं उठ रहे, बल्कि ऐसे तमाम संस्...